उसके दिल कि थी ज़बां उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
इन दिलों के फासले कुछ कम किये जा सकते थे
ज़िन्दगी से छुप के भी कुछ पल जिए जा सकते थे
इक दफा करती जो हाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
जाने वाली हर लहर फिर लौटकर आई नहीं
वो गयी उसकी खबर फिर लौटकर आई नहीं
रह गयी लेकिन यहाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
मंदिरो मस्जिद मे उससे मिलने ही जाता था मैं
इक खुदा के वास्ते काफिर बना जाता था मैं
उन दिनों पाँचों अजाँ, उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
उसको अपने दिल से बढ़कर जाँ समझ बैठा था मैं
था गलत जो उसकी ना को हाँ समझ बैठा था मैं
था गलत वो तर्जुमाँ, उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह..!!
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
इन दिलों के फासले कुछ कम किये जा सकते थे
ज़िन्दगी से छुप के भी कुछ पल जिए जा सकते थे
इक दफा करती जो हाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
जाने वाली हर लहर फिर लौटकर आई नहीं
वो गयी उसकी खबर फिर लौटकर आई नहीं
रह गयी लेकिन यहाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
मंदिरो मस्जिद मे उससे मिलने ही जाता था मैं
इक खुदा के वास्ते काफिर बना जाता था मैं
उन दिनों पाँचों अजाँ, उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह
उसको अपने दिल से बढ़कर जाँ समझ बैठा था मैं
था गलत जो उसकी ना को हाँ समझ बैठा था मैं
था गलत वो तर्जुमाँ, उसकी निगाह उसकी निगाह
मेरे उसके दरमियाँ उसकी निगाह उसकी निगाह..!!
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This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivs 3.0 Unported License.

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