Friday, January 2, 2009

तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है



मुझे यूँ लगता है तो मेरी खता क्या है,
तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है,

कोसता है कोई मुझको बड़ी शिद्दत से आज,
दीवाने को इस से बड़ी और दुआ क्या है,

मेरी तो आदत है तेरी चोखट पे लौट आने की,
तेरे दरवाज़े ने तुझसे अब कहा क्या है,

आज फिर मैं उड़ा हूँ तेरे इशारों पर,
मैं नहीं जानता यहाँ की यह हवा क्या है,

तेरे हाथों में है मेहँदी, मेरे हाथों में है कालिख,
यारब कहाँ और कब मैंने छुआ क्या है,

तेरा रोना मेरे मरने की धमकी पर अक्सर,
मेरे मरने पर आज पूछना इसे हुआ क्या है.
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* आबला = छाले
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12 comments:

प्रकाश बादल said...

गौरव भाई को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

Shashwat Shekhar said...

बहुत खूब| ऐसे ही लिखते रहिये| स्वागत है आपका|

अमृत कुमार तिवारी said...

बेहतरीन शरुआत गौरव जी। आपका स्वागत है...

श्रद्धा जैन said...

sawagat hai gurav achhi baat hai ki aap computer ki files se bahar aa sake aur hum aapko pad rahe hain

aap likhte rahe humsafar bhaut mil jayenge

Suresh Chiplunkar said...

हार्दिक स्वागत है आपका हिन्दी के ब्लॉग विश्व में… समस्त शुभकामनायें हैं… एक अर्ज है कि कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें इसकी फ़िलहाल हिन्दी ब्लॉग जगत में कोई आवश्यकता नहीं है और यह टिप्पणी में बाधा उत्पन्न करता है… धन्यवाद।

शोभित जैन said...

तेरा रोना मेरे मरने की धमकी पर अक्सर,
मेरे मरने पर आज पूछना इसे हुआ क्या है...
बहुत खूब...बहुत सुंदर प्रस्तुति....

दिगम्बर नासवा said...

कोसता है कोई मुझको बड़ी शिद्दत से आज,
दीवाने को इस से बड़ी और दुआ क्या है,

वह वह, खूबसूरत ग़ज़ल, लाजवाब है
क्या शेर कहा है

संत समीर said...

अच्छी भाषा अच्छे विचार, बस यही दरकार है चिट्ठा संसार को। आशा है आप इसी राह पर चलेंगे। अन्तरजाल जगत् के महालोकतन्त्र में स्वागत है आपका। ब्लॉगरी का शौक आनन्द की नई अनुभूतियाँ देगा। ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ -
सन्त समीर santsameer.blogspot.com

प्रवीण जाखड़ said...

aatiuttam!

ब्लॉग की दुनिया में कदम रखने के लिए आपका स्वागत है। अपने दायरे का विस्तार करें और चिट्ठाजगत ने जिस अवसर को हमारे साथ बांटा है, अपने विचारों को विस्तार दें।

ढेर सारी शुभकामनाएं।

रचना गौड़ ’भारती’ said...

नववर्ष् की शुभकामनाएं
कलम से जोड्कर भाव अपने
ये कौनसा समंदर बनाया है
बूंद-बूंद की अभिव्यक्ति ने
सुंदर रचना संसार बनाया है
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

"VISHAL" said...

khoobsoorat khayalat

---------------------"VISHAL"

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।